जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) 2026: गर्भवती महिलाओं और बीमार शिशुओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं और बीमार शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं बिना किसी खर्च के उपलब्ध कराना है।
यह योजना गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार पर प्रसव तथा उपचार के दौरान होने वाले खर्च को कम करने में मदद करती है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम कब शुरू हुआ ?
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत भारत सरकार द्वारा जून 2011 में की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रसव से संबंधित कई सुविधाएं बिना खर्च उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
बाद में इस योजना की सुविधाओं का विस्तार एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं तक भी किया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बीमार शिशुओं को समय पर सरकारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना तथा उपचार के दौरान परिवार को होने वाले खर्च को कम करना है।
योजना के अंतर्गत आवश्यकतानुसार प्रसव, दवाइयां, जांच, रक्त, भोजन और आने-जाने की सुविधा जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाएं
सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है:
1. सामान्य प्रसव की सुविधा
सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव कराने वाली महिलाओं के लिए सामान्य प्रसव की सुविधा बिना खर्च उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
2. शल्य प्रसव की सुविधा
यदि चिकित्सक की सलाह के अनुसार शल्य प्रसव की आवश्यकता होती है, तो सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में इसके लिए भी बिना खर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
3. मुफ्त दवाइयां
उपचार और प्रसव के दौरान आवश्यक दवाइयां तथा चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
4. मुफ्त जांच
आवश्यक स्वास्थ्य जांच और प्रयोगशाला जांच बिना खर्च उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
5. आवश्यकता पड़ने पर रक्त
यदि प्रसव या उपचार के दौरान रक्त की आवश्यकता होती है, तो सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में रक्त उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
6. मुफ्त भोजन
महाराष्ट्र में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के बाद महिलाओं के लिए भोजन की सुविधा भी योजना के अंतर्गत दी जाती है।
सामान्य प्रसव के बाद अधिकतम 3 दिन तक भोजन।
शल्य प्रसव के बाद अधिकतम 7 दिन तक भोजन।
7. आने-जाने की मुफ्त सुविधा
योजना के अंतर्गत आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचने और एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे स्वास्थ्य संस्थान भेजे जाने के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
निर्धारित परिस्थितियों में स्वास्थ्य संस्थान से घर तक पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
बीमार शिशुओं के लिए सुविधा
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की सुविधाओं का विस्तार एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं तक किया गया है।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में आवश्यकता के अनुसार बीमार शिशु को निम्न सुविधाएं मिल सकती हैं:
बिना खर्च उपचार
आवश्यक दवाइयां
आवश्यक चिकित्सा सामग्री
स्वास्थ्य जांच
आवश्यकता पड़ने पर रक्त
भोजन
स्वास्थ्य संस्थान तक आने-जाने की सुविधा
दूसरे स्वास्थ्य संस्थान भेजे जाने पर वाहन की सुविधा
निर्धारित परिस्थितियों में घर तक पहुंचाने की सुविधा
महाराष्ट्र में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम
महाराष्ट्र में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम 7 अक्टूबर 2011 से सभी जिलों में लागू किया गया था।
महाराष्ट्र की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत:
गर्भवती महिलाओं
प्रसव के बाद 42 दिनों तक की माताओं
एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं
को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
महाराष्ट्र में यह सुविधा गरीबी स्तर, जाति और प्रसव की संख्या के आधार पर अलग नहीं की गई है।
योजना का लाभ कहां मिलेगा?
महाराष्ट्र में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की सुविधाएं विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं, जैसे:
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
ग्रामीण अस्पताल
उप-जिला अस्पताल
जिला अस्पताल
महिला अस्पताल
अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थान
किसी विशेष सुविधा की उपलब्धता के लिए संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से जानकारी लेना उचित है।
महाराष्ट्र में वाहन सुविधा के लिए नंबर
महाराष्ट्र के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आधिकारिक जानकारी में स्वास्थ्य संबंधी वाहन सुविधा के लिए:
108
और
102
टोल-फ्री नंबर दिए गए हैं।
आवश्यकता होने पर संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्था से वर्तमान सुविधा और प्रक्रिया की पुष्टि करें।
योजना का लाभ कैसे लें ?
यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो निम्न तरीके से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
पहला चरण: अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जाएं।
दूसरा चरण: वहां स्वास्थ्य कर्मचारियों से जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी लें।
तीसरा चरण: यदि दूसरे अस्पताल भेजने या वाहन की आवश्यकता है, तो स्वास्थ्य कर्मचारियों से वाहन सुविधा के बारे में पूछें।
चौथा चरण: किसी सुविधा को लेकर परेशानी होने पर संबंधित सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी या स्वास्थ्य संस्था से जानकारी लें।
महत्वपूर्ण सावधानी
सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट को पैसे न दें।
योजना से संबंधित जानकारी के लिए सरकारी अस्पताल, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या सरकार की आधिकारिक वेबसाइट को प्राथमिकता दें।
यदि कोई व्यक्ति योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो पहले संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्था से इसकी पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम क्या है ?
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना है। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं और बीमार शिशुओं को निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं बिना खर्च उपलब्ध कराना है।
यह योजना कब शुरू हुई ?
इस योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा जून 2011 में की गई थी।
क्या सामान्य प्रसव के लिए सुविधा मिलती है ?
हां। सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में योजना के अंतर्गत सामान्य प्रसव के लिए बिना खर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
क्या शल्य प्रसव की सुविधा भी मिलती है ?
हां। चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में शल्य प्रसव के लिए भी योजना के अंतर्गत बिना खर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
क्या बीमार बच्चे को भी इस योजना का लाभ मिलता है ?
हां। योजना की सुविधाओं का विस्तार एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं तक किया गया है।
महाराष्ट्र में प्रसव के बाद कितने दिनों तक मां को योजना का लाभ मिलता है ?
महाराष्ट्र की आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रसव के बाद 42 दिनों तक की माताएं इस योजना के अंतर्गत शामिल हैं।
क्या भोजन की सुविधा मिलती है ?
हां। महाराष्ट्र में सामान्य प्रसव के बाद अधिकतम 3 दिन और शल्य प्रसव के बाद अधिकतम 7 दिन तक भोजन की सुविधा का प्रावधान है।
क्या वाहन की सुविधा मिलती है ?
हां। योजना के अंतर्गत निर्धारित परिस्थितियों में स्वास्थ्य संस्थान तक आने, दूसरे स्वास्थ्य संस्थान भेजे जाने और घर तक पहुंचाने के लिए वाहन सुविधा का प्रावधान है।
क्या यह योजना केवल गरीब परिवारों के लिए है ?
महाराष्ट्र की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस योजना की सुविधाएं गरीबी स्तर, जाति और प्रसव की संख्या के आधार पर सीमित नहीं हैं।
जरूरी सूचना
यह लेख सरकारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सरकारी योजनाओं के नियम, सुविधाएं, स्थानीय व्यवस्था और संपर्क जानकारी समय के साथ बदल सकती है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निर्णय से पहले संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्था या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से वर्तमान जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
जानकारी की जांच: 13 सितंबर 2026
लेख का उद्देश्य: लोगों को सरकारी योजना की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना।
महत्वपूर्ण: यह लेख चिकित्सकीय सलाह नहीं है।
आधिकारिक स्रोत
इस योजना की जानकारी के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और महाराष्ट्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आधिकारिक जानकारी को आधार बनाया गया है।
